प्रिय मित्रों, यह मेरा व्यक्तिगत ब्लॉग है और इसमे प्रस्तुत किए गए विचार और सभी रचनायें मेरी अपनी हैं . हो सकता है आप मेरे विचारों से सहमत ना हों फिर भी मैं आप सभी मित्रों का अपने ब्लॉग में स्वागत करता हूँ और आशा करता हूँ कि आप सब अपने कमेंट्स के माध्यम से मेरा मार्गदर्शन करेंगे. मित्रो कमेंट्स जरूर करें Dr. Ganesh
मेरा चांद मुझे लौटा दो
विरह की मधुशाला
एक जाम शाम के नाम
कविता : गणतंत्र दिवस
शीशे का शहर
मेरी मधुशाला
My beloved wife
यादों की बारिश
My beloved wife
My beloved wife
My beloved wife
My beloved wife
My beloved wife
My beloved wife
बारिश की सुबहें
विदा 2024
31.12.2024.....
शुरुवात है साल की
इसे कहते हैं : जनवरी.....
प्यार के फल को कहते हैं
प्यारी फरवरी ......
अकाउंटेंट की आफत बनती है
ये मार्च हर साल बड़ी .....
फिर से टैक्स का नया साल
ये है अप्रैल कहती है tax बचाओ घड़ी घड़ी
प्लानिंग का नाम है
ये मई की गरम दोपहरी
मेरी जिंदगी की धड़कन है वो
ये जून है मुझे जश्न मनाने की है पड़ी....
मिलन का महीना है
ये हसीन जुलाई
देश आजादी का महीना है
अगस्त की सुहानी सुबह बड़ी
मेरे यार की जुदाई का महीना है
यादगारें सितंबर दुख भरी
ठंड की शुरुवात होती है
ये अक्टूबर की ठंडी बड़ी
दुनिया करती है स्वागत हमारा
हम हैं नवंबर की शुभ घड़ी
बसी हुई है यादों की हर घड़ी
फिर से आ गई है ये दिसंबर मरी मरी
🙂🙂🙂🙂🙂
Enjoy the day