ये वक्त है दोस्त
कभी कहीं ठहरा है क्या
ये तो चलते रहता है
ये जिंदगी भी तो कहां ठहरी है
बदल जाती है वक्त के साथ
कभी गम तो कभी खुशियां
वक्त ने छीना है
कुछ अपनों को हमसे
कुछ को हमारा कर गया
ये वक्त ही तो है
जिसने बताया
कौन है अपना कौन पराया
धीरे धीरे सिखा गया
जीवन के बदलते चेहरे...
🙂🙂🙂🙂😃