कविता : वेलेंटाइन डे


जीके कहता है....

ना गुलाबों की चमक 
ना चॉकलेट का इज़हार 
यह तो मन का पावन उत्सव है
जहाँ समर्पण ही है, असली श्रृंगार....

राधा की पायल की रुनझुन 
कृष्ण की बांसुरी की तान 
प्रेम केवल आकर्षण नहीं
एक भक्ति है सम्मान है....

प्यार तो 
सीता का धैर्य है
राम का संकल्प,
ये बंधन नहीं, 
विश्वास का सूत्र है
जीवन का अटल विश्वास....

प्यार को प्यार ही रहने दो
इसे रिश्तों का नाम ना दो
सिर्फ एक एहसास है
रूह से महसूस करो...
 ❤️
एंजॉय एवरी डे
इंडियन वेलेंटाइन डे 
😀😀😀😀😀

कोई टिप्पणी नहीं: