होली पर शायरी


होली पर शायरी....

आज रंग चढ़ा है
या नशे का कमाल है
पीने वालों की महफिल में 
हर दोस्त बेमिसाल है
भर भर के जाम पियो 
और जम के उड़ाओ गुलाल....
😃😃😃😄😄😄😄😄😄😄😄😄

ना कम पियो, 
ना ज्यादा मेरे दोस्तों 
रंगीन होली है 
तो रंग भी रहे, 
ढंग भी रहे,
खुमारी भी बनी रहे 
और याद रहे बरसों 
ये होली का त्यौहार...
😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃

रंग-ओ-नूर से सजी है 
ये महफिल-ए-बहार,
जाम-से इश्क़ है 
होली से खुमार
निगाहों में शरारत
और लबों पे मुस्कुराहट है...
😄😄😄😄😄😄😄😄😄😄😄😄

आज साक़ी ने भर दिया है
सोमरस से जो जाम-ए-रंगीन,
महफ़िल हो गई है गुलज़ार
आज को फिजा भी रंगीन है
रंगों से हो गया है प्यार....
😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃

रंगों की जवानी, 
मय की कहानी,
हर जाम में सजी है
होली के 
जश्न की निशानी...
😄😄😄😄😄😄😄😄😄😜😄😄

ना इसकी अदा में कमी, 
ना खुमारी में खलल,
होली का मौसम है
बहते जज्बात हैं
बन गई कोई गजल है..
😃😃😃😃😃😂😂😂😂😂😂😂

जब प्रेम रंग मिला मय में 
तो अजब रंग पैदा हुआ,
जैसे हर दर्द की दवा 
खनकता जाम हुआ...
😄😄🤣🤣🤣🤣😃😃😃😃😃😃

एक गजल है..
दिल ने किया है याद 
आज उनको इस होली में,
वो तो चले गए रूह बनके 
उनका रब से हो गया 
सीधा सरोकार होली में...
जब से चढ़ा है 
उनसे इश्क़ का रंग दिल पर,
धुलने लगे हैं दिल के ज़ख्म 
हो गया ईश्क रंगों से इस होली में....
साक़ी भी तू है
मय भी तू, 
पैमाना भी तू ही है,
मैं क्या हूँ ए रब तुझसे
देखा है तेरा ही किरदार 
इस होली में...
रंगों में ढूँढता था 
जिसे मैं बरसों से
ए रब तू मिला भी तो कहां
इस कदर होली में....
वही नूर है तेरा ए रब 
बस गया है तू 
जलवा-ए-यार बनके मेरे दिल में 
करता हूं हर इकरार इस होली में...
एक “गणेश” जो डूबा 
तेरे ही दरिया में, ए रब 
तन्हा ना रहा अब मैं 
सजा है तेरा दरबार होली में....
😄😄😄☺️☺️☺️☺️☺️☺️☺️☺️☺️☺️

होली आई
रंगों का मौसम आया, 
दिल अपना बे-रंग रहा,
तेरे बिना हर जश्न 
अधूरा ही रहा...
लोगों ने उड़ाई गुलाल
मैने तन्हाई में 
तेरा ही नाम लिया....
ये होली 
इस बार भी
मेरे लिए कुछ खास नहीं
जिसको रंग लगाना था
वो अब पास नहीं.....
😃😃🙂🙂🙂🙂🙂😃😃😃😃😃




कोई टिप्पणी नहीं: