माल्लेश्वर महादेव

फोटो: शिव मंदिर का बाहरी दृश्य

मालेश्वर महादेव मंदिर...
मालेश्वर महादेव मंदिर, राजस्थान के जयपुर शहर से करीब 40 किमी दूर ऐतिहासिक जगह सामोद के पास महार कलां गाँव में स्थित है. यहां भगवान शिव का प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है. यह मंदिर अरावली पर्वतमालाआँ के बीच शांत और प्राकृतिक वातावरण में स्थित है. 

फोटो: शिव मंदिर के पास स्थित कुंड 

लोककथा और मान्यताओं के अनुसार.. बहुत समय पहले यह पूरा इलाका घने जंगलों से भरा होता था. आसपास के गाँवों से चरवाहे अपनी गाय-भैंसें चराने यहाँ आया करते थे.. एक दिन उन चरवाहों ने देखा कि एक गाय रोज़ एक ही स्थान पर खड़ी होकर अपने आप दूध गिरा देती है. जब गाँव वालों ने सोचा यह कोई दैविक जगह हो सकती है तो उन्होंने उस स्थान को खोदा तो वहाँ से एक स्वयंभू प्राकृतिक शिवलिंग प्रकट हुआ. लोगों ने इन्हें भगवान शिव का चमत्कार माना और वहीं मंदिर की स्थापना कर दी और फिर धीरे-धीरे यह स्थान मालेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हो गया.

फोटो: अरावली पर्वतमाला की श्रृंखलाएं  और पुराने किले के खंडहर

शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग के बारे में स्थानीय मान्यता है कि वह सूर्य की गति के अनुसार हर छह महीने में अपनी दिशा बदलता है, यानी उत्तरायण और दक्षिणायन के समय उसका झुकाव बदल जाता है. इसी कारण इसे अदभुद और चमत्कारी माना जाता है.

महाशिवरात्रि और सावन के महीने में हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं. उस समय यहाँ एक छोटा सा मेला भी लगता है और पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठता है.

मंदिर के पास ही एक पवित्र कुंड है और ठीक सामने एक छोटा सा झरना भी है जो खासकर बरसात और सावन के महीने में ही बहता रहता है. 

फोटो: सामोद  हेरिटेज होटल का प्रवेश द्वार

पर्यटन के हिसाब से यह जगह प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी हुई है. यहां कई फिल्मों की शूटिंग भी होती रहती है. फिल्म कारण अर्जुन, कोयला, सोल्जर, बीस साल बाद और मेहंदी जैसी फिल्मों की शूटिंग भी यहीं हुई है. महार कलाँ के आस पास समोद में भी कई घूमने लायक जगह है...

फोटो: मंदिर के पास पुराने महलों के खंडहर

सामोद पैलेस : ऐतिहासिक किला है जो राजपूत शैली के हिसाब से बना है. इसे अब हेरिटेज होटल में परिवर्तित कर दिया गया है. 
सामोद बाग होटल : ऐतिहासिक किले के अंदर  मुगल गार्डन शैली में बना यह होटल विदेशियों की पहली पसंद होता है.
सामोद कस्बा : समोद कस्बे के अंदर आप पुरानी हवेलियों को अपने मूल रूप में देख सकते हैं. 
सामोद किला : पहाड़ी पर बना यह किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका है लेकिन यहां से सामोद कस्बे का और अरावली पर्वत मालाओं का अदभुद नजारा देखने को मिलता है.
सामोद में ही नांगल भरड़ा नामक गांव में पहाड़ी के ऊपर वीर हनुमान जी का एक शानदार मंदिर है जहां करीब 1100 सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है.
सामोद के पास ही प्रसिद्ध महामाया माताजी का भी एक मंदिर है.
इसके अलावा यहां छोटे छोटे बहुत से मंदिर भी हैं जो स्थानीय लोगों की आस्था के प्रतीक हैं.

जयपुर से करीब होने के कारण और सीकर रोड के नजदीक यह जगह बहुत ही सुंदर है, खासकर सावन और बारिश के समय यह जगह बहुत मनमोहक हो जाती है. पहाड़, हरियाली, झरना और मंदिर का शांत वातावरण मन को प्रफुल्लित कर देता है.

ॐ नमः शिवाय 



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