महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र त्यौहार है जो भगवान शिव को समर्पित है. यह प्रतिवर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है.
शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ है, ऐसा माना जाता है. एक मान्यता यह भी है कि इसी रात शिवजी ने तांडव नृत्य किया था. कुछ मान्यताओं के अनुसार इसे शिवलिंग के प्रकट होने का दिन भी कहा गया है.
शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, दूध, जल, शहद आदि अर्पित किए जाते हैं. और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप और रात्रि जागरण भी किया जाता है.
महाशिवरात्रि केवल त्योहार ही नहीं, बल्कि आत्मसंयम और अंतर्मन की शुद्धि का पर्व भी है. यह अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक भी है.
शिवरात्रि का त्यौहार हमें सिखाती है कि मन का विष स्वयं ही पीना होगा, तभी भीतर का नीलकंठ जागेगा.
अपने मन के अहंकार का विसर्जन ही सच्चा अभिषेक है. मौन में ही महादेव का स्वर सुना जा सकता है.
शिव केवल मंदिरों में नहीं, वे हर उस हृदय में हैं जहाँ करुणा, धैर्य और वैराग्य का वास है.
ॐ नमः शिवाय
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